Tuesday, January 25, 2011

मै क्या हूँ आज बताऊंगा तुझे,
तू जो पूछेगी सब कुछ बताऊंगा तुझे

एक वक़्त जो बीतता नही ,
एक जिन्दगी जो चलती नही,
एक साँस जो थमती नही,
एक प्यास जो बुझती नही,
आज हर एक राज बताऊंगा तुझे,



एक खुली किताब कुछ कोरे पन्ने
एक उनकही बात,
एक नाकाम कोशिश ,
इसका राज बताऊंगा तुझे ,




एक अनछुआ सौन्दर्य ,
एक ग्रीष्म का सावन ,
एक हकीक़त ,
"मृगमरीचिका "
क्या हूँ आज बताऊंगा तुझे ।




आखों में नमी
भीगे लब
कापते होठ,
सिहरता बदन ,
एक अनसुलझी सोच ,

तू मेरी कौन ???ये बताऊंगा तुझे .................

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