Tuesday, January 25, 2011

तेरे आखों में नमी
गुमसुम जिन्दगी
सुनी सांसे
लड़खड़ाते कदम
कापते हाथ
टूटती जिन्दगी
तू कौन??
मेरी बंदगी
न हो उदास
आएगा सावन
हसेंगे बदल
तुझे हँसता देख
बरसेंगे बादल
तुझे गाता देख
नमी तेरे आखों में अच्छी नहीं
इसे मेरे दिल में रहने दो
सुनी सांसे अच्छी नही
सूनापन मेरे मन में रहने दो ................

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